मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने बुधवार को कहा था कि ‘दुर्भाग्यवश यह पत्र अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन खबरें ऐसे प्रकाशित हुई हैं मानो मैंने इस पत्र को पढ़ लिया है।’ उनकी पीठ ने कहा, ‘हम इस अत्यधिक विस्फोटक स्थिति के बारे में कुछ करेंगे।’ मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने इस मामले को गुरुवार के लिए सूचीबद्ध करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को पीड़िता से संबंधित दुर्घटना के बारे में प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
पीठ ने ये टिप्पणियां उस वक्त कीं जब बच्चों से बलात्कार की बढ़ती घटनाओं के मामले में न्यायमित्र की भूमिका निभा रहे वरिष्ठ अधिवक्ता वी. गिरि ने उन्नाव बलात्कार प्रकरण को सुनवाई के लिए शीघ्र सूचीबद्ध करने का आग्रह किया।
Digital Desk: Firoz Khan
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