इससे पहले इसरो ने कहा था कि इसके बाद यान को चंद्रमा की सतह से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर चंद्र ध्रुवों के ऊपर से गुजर रही इसकी अंतिम कक्षा में पहुंचाने के लिए चार और कक्षीय प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाएगा। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि इसके बाद लैंडर 'विक्रम दो सितंबर को ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा।
Digital Desk: Firoz Khan
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