गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा ने यह रिपोर्ट पेश करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘आयोग ने दंगों के समय मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी और उनके तीन मंत्रियों को क्लीन चिट दे दी है। इससे यह साबित होता है कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। यह मोदी और भाजपा को बदनाम करने की कांग्रेस और कुछ गैरसरकारी संगठनों की चाल थी।’’ गोधराकांड में 59 कारसेवकों की मौत हुई थी। इसके बाद राज्य में भड़के दंगों में एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।
गौरतलब रहे कि भीड़ ने एक मार्च 2002 को गुजरात के आणंद जिले के ओडे कस्बे के पीरवाली भगोल इलाके में एक घर में आग लगा दी थी। इस घटना में अल्पसंख्यक समुदाय के 23 सदस्य जिंदा जल गए थे । इसमें नौ महिलाएं और इतने ही बच्चे थे। गोधरा ट्रेन अग्निकांड के दो दिन बाद यह घटना हुई थी। अग्निकांड के कारण समूचे राज्य में सांप्रदायिक हिंसा फैल गई थी।
Digital Desk: Firoz Khan
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