कानपुर में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी फूंकी, उप्र के रामपुर में प्रदर्शन में एक की मौत
(India) नागरिकता संशोधन कानून का शनिवार को भी विरोध जारी है। उत्तर प्रदेश के रामपुर में प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को आग लगाई। हिंसक विरोध में एक युवक की जान चली गई, 12 से ज्य़ादा पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। प्रदेश में चार दिन में हिंसा के दौरान 16 लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को तृणमूल नेताओं का 4 सदस्यीय दल मृतकों के परिवार से मिलने लखनऊ जाएगा। उधर, बिहार में राजद ने बंद बुलाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने गांधी सेतु यातायात रोक दिया, पटना-हाजीपुर में आगजनी की। वैशाली में एनएच 77 पर मवेशियों के साथ जाम लगाया।
नागरिकता कानून के विरोध में शुक्रवार को हुई हिंसा में दो लोगों की मौत के बाद शनिवार को सुबह से दोपहर तक शांति के बाद अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। यतीमखाना चौराहे पर जुटी हजारों की भीड़ अचानक उग्र हो गई। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया तो जवाब में पुलिस ने लाठिचार्ज कर बवालियों को खदेड़ा। भीड़ ने बेकनगंज थाने की यतीमखाना पुलिस चौकी फूंक दी।
तनाव के चलते दूसरे दिन भी मोबाइल इनटरनेट सेवा बंद की गई है। बवालियों पर नियंत्रण करने के लिए मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात है। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले भी दागे। हवाई फायरिंग की। भीड़ ने भी पुलिस पर पथराव और तमंचों से फायरिंग की। उपद्रवियों के हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
असम से शुरू हुई हिंसक प्रदर्शन की आग अब पूरे देश में फैल चुकी है। इस दौरान प्रदर्शनकारी पब्लिक प्रॉपर्टी को बहुत नुकसान पहुंचा चुके हैं और नुकसान अभी भी पहुंचा रहे हैं। इस बीच भारतीय रेलवे ने अपने नुकसान का पूरा ब्यौरा जारी किया है।

Digital Desk: Firoz Khan

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