गुप्त नवरात्रि में महानंदा नवमी के संगम से खोले भाग्ये के द्वार
(Jaipur, Jaipur) धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को ताल नवमी और महानंदा नवमी भी कहते है | इस दिन मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने का विधान है।

हिंदू धर्म में महानंदा नवमी के व्रत को काफी शुभ माना जाता है और गुप्त नवरात्रि के नवमी तिथि को पड़ने के कारण इस दिन का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। महानंदा नवमी तिथि को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों चंद्रघंटा, शैलपुत्री, कालरात्रि, स्कंद माता, ब्रह्मचारिणी, सिद्धिदायिनी, कुष्मांडा, कात्यायनी और महागौरी की पूजा करने का विधान है।

माघ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 29 जनवरी को सुबह 9 बजकर 5 मिनट से शुरूहोकर 30 जनवरी को सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक समाप्त होगी |

महानंदा नवमी के साथ मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा और व्रत करने से व्यक्ति के जीवन से हर कष्ट समाप्त हो जाता है।माना जाता है कि इस दिन के स्नान, दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

Author: JAN TV Editorial Team

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