देवशयनी एकादशी से होती है चातुर्मास की शुरुआत
शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित हो जाते हैं
हिन्दू धर्म में सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक माह का विशेष महत्व
इन चारों महीनों को मिलाकर बनता है चातुर्मास
देवशयनी एकादशी से ही चातुर्मास की शुरुआत होती है
जो कार्तिक के देव प्रबोधिनी एकादशी तक चलती है
इस समय में श्री हरि विष्णु योगनिद्रा में लीन रहते हैं
इसलिए शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित हो जाते हैं
इसी अवधि में आषाढ़ के महीने में भगवान विष्णु ने वामन रूप में अवतार लिया था
इस बार चातुर्मास 29 जून से 23 नवंबर तक रहेगा
एकादशी पर भगवान विष्णु और उनके अवतारों की विशेष पूजा, अभिषेक करने की परंपरा है। विष्णु जी के साथ देवी लक्ष्मी का अभिषेक करना चाहिए। श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का दूध से अभिषेक करें।
Author: JAN TV Editorial Team
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