भजनलाल शर्मा की मुख्यमंत्री बनने की कहानी पर एक नजर
(India) सांगानेर की विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने,भजनलाल शर्मा राजस्थान के नए मुख्यमंत्री बनें | आखिर कैसे होगा यह खेल,भजनलाल शर्मा को पहली बार कैसे मिला राजस्थान की जनता की सेवा करने का अवसर | इसमें क्या गणित हो सकती है भाजपा हाई कमान की | सूत्रों के मुताबिक कहा जा रहा है कि पीएम मोदी ने चुनाव से पहले बनाई रणनीति |
भजनलाल शर्मा पार्टी के किसी भी संगठन में शामिल नहीं थे, इसलिए उनके नाम पर किसी आपत्ति की गुंजाइश नहीं थी | भजनलाल शर्मा छात्र जीवन से ही एबीवीपी से जुड़े रहे हैं और तभी से आरएसएस में सक्रिय हैं। फिर उन्होंने पार्टी में भी पद संभाला |
राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की राजनीति पर एक नजर:
राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अभी तक राजस्थान की जनता के लिए अनजान व्यक्ति थे | परन्तु अब उनका नाम राजस्थान की प्रदेशवासियों की जुबान पर आ रहा है | भाजपा पार्टी का एक साधारण सा कार्यकर्त्ता जो पिछले तीन दशक से संगठन में सक्रिय था | अचानक मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गए | यह उनकी लगन,मेहनत, परिश्रम, तपस्या का परिणाम माना जाता है | 2003 में भजनलाल शर्मा ने राजस्थान सामाजिक न्याय मंच के बैनर तले नदबई से विधानसभा चुनाव लड़ा थे | उनकी 5969 वोट हासिल किए थे | भारतीय जानता पार्टी के संगठन में काम करने लगे। पद की लालसा छोड़कर वे संगठन में ईमानदारी,लगन,मेहनत, परिश्रम से काम करने लगे। अब आपके सामने उन्हें 20 साल की तपस्या और धैर्य का बड़ा इनाम मिला है, जो मरुधरा के सरदार के रूप में है |

Author: JAN TV Editorial Team

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