जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन प्रसिद्ध लेखक देवदत्त पटनायक का सेशन हुआ | जहां तीर्थंकर इनसाइट्स इंटू जैनिज़्म विषय पर सत्यार्थ नायक ने उनके साथ बात की | उन्होंने कहा कि बाहुबली जैसी मूवी में हिंसा थी, लेकिन उससे हमारी संस्कृति जानने का मौका मिला | तीर्थंकर शांति की बात करते हैं, वो सबके लिए काम करते हैं सिर्फ खुद के लिए नहीं | जैन और बौद्ध धर्म में कोई पावर फुल भगवान नहीं है३जबकि हिन्दु धर्म में भगवान शक्तिशाली दर्शाये गये हैं | देश की जीडीपी में जैन समाज का बड़ा योग्दान है | उन्होंने कहा कि कन्वर्ट शब्द विदेशी है३विदेशी लोगों ने यहाँ के लोगों को कन्वर्ट किया३संस्कृति का नुक्सान किया | इसके बाद देवदत्त पटनायक मीडिया से भी मुखातिब हुए | जहां उन्होंने अपनी पुस्तक “तीर्थंकर” को लेकर जानकारी दी |
Author: JAN TV Editorial Team
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