गुजरात: बदल रहा है खेती का सूरत,'कृषि प्रगति' ऐप से खुशहाली की बयार
(Mahesana, Mahesana) गुजरात में कृषि तेजी से बदल रही है। आधुनिक तकनीक बदलाव की लहर ला रही है, जिससे किसान समृद्ध हो रहे हैं। खेती में एआई-पावर्ड और रिमोट सेंसिंग उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सैटेलाइट से फसलों की निगरानी की जा रही है। इसका नतीजा यह है कि बदलते मौसम के बावजूद गुजरात में खेती फायदे का सौदा साबित हो रही है।

बदलाव की लहर लाने में कृषि प्रगति का अहम योगदान है। सरकार कृषि प्रगति मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल और एक समर्पित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए राज्य के हर छोटे-बड़े स्थान पर हर किसान की रियल टाइम में मदद करने की कोशिश कर रही है। अपने हरे-भरे खेतों के बीच घूमते हुए पटेल प्रवीणभाई बताते हैं कि कैसे कृषि प्रगति हर कदम पर उनकी मदद करती है। इस ऐप के जरिए उन्हें पता चलता है कि कब सिंचाई करनी है, किस किस्म के बीज और फसल के लिए कौन-सा खाद या कीटनाशक चाहिए? सारी सलाह बस एक टैप दूर है, जो खेती की उत्पादकता बढ़ाने में मददगार है।

कृषि प्रगति कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से संचालित होती है। केंद्र पूरे राज्य से हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट के जरिए फसल का डेटा प्राप्त करता है। इससे फसल में नमी, कीट या अन्य समस्याओं के बारे में समय पर जानकारी मिलती है, जिसका तुरंत समाधान किया जा सकता है। कृषि प्रगति पोर्टल फसल रकबा, उपज निगरानी, ​​मौसम पूर्वानुमान, फसल क्षति आकलन और व्यक्तिगत कृषि परामर्श जैसी सेवाएं भी प्रदान करता है। 1,04,283 से अधिक किसान अब सक्रिय रूप से कृषि प्रगति का उपयोग कर रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म ने अब तक 1.5 करोड़ से अधिक सलाह प्रदान की है। यह बीज चयन से लेकर कटाई तक फसल चक्र के हर चरण का मार्गदर्शन करता है और किसानों की काफी मदद करता है।

यह कदम मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की कृषि को आधुनिक बनाने और गुजरात के किसानों को समृद्ध बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Author: JAN TV Editorial Team

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