शुभांशु ने अंतरिक्ष में बिताए पलों के बारे में बताते हुए कहा कि वहां जीवन बेहद कठिन परिस्थितियों में संभव है और अंतरिक्ष यात्री एक नियंत्रित वातावरण में रहते हैं। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यान से भारत को देखना उनके लिए भावुक क्षण था। उनका मानना है कि आने वाले 10 वर्षों में भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में कई अहम उपलब्धियाँ हासिल करेगा।
>व्यक्तिगत पल
सीएमएस स्कूल के कार्यक्रम में उनकी पत्नी कामना शुक्ला ने निजी अनुभव साझा किए। इस मौके पर शुभांशु ने अपनी उपलब्धियों का श्रेय पत्नी को दिया, जिससे माहौल हल्का-फुल्का और भावुक दोनों बना।
>विशेष संदेश
छात्रों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2040 तक भारत चाँद पर मानव भेजने की तैयारी कर रहा है। बच्चों को उन्होंने “नेवर गिव अप” का मंत्र दिया और भरोसा जताया कि अगली पीढ़ी और बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करेगी।
>सम्मान और भावनाएँ
समारोह में बच्चों ने तीनों सेनाओं की वर्दी पहनकर उन्हें सलामी दी। उनके स्वागत में भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे गूंज उठे। लंबे अंतराल बाद बेटे और माता से मिलते समय परिवार की आँखें नम हो गईं।
>जनता का उत्साह
लखनऊ की सड़कों पर शुभांशु के स्वागत के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। लोग गाड़ियों के साथ जुलूस की तरह आगे बढ़े और गर्व के इस पल का हिस्सा बने।
Author: JAN TV Editorial Team
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