जोजरी नदी प्रदूषण पर सर्वोच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया
(Degana, Nagaur) उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान की जोजरी नदी में कपड़ा और टाइल कारखानों से निकलने वाले औद्योगिक अपशिष्ट उत्सर्जन के कारण उत्पन्न खतरनाक प्रदूषण का स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि प्रदूषण के कारण सैकड़ों गाँवों में पीने का पानी मनुष्यों और पशुओं के लिए असुरक्षित हो गया है, जिससे उनके स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र पर असर पड़ रहा है।

न्यायालय का हस्तक्षेप स्वच्छ जल और स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार की रक्षा के लिए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। पीठ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस मामले पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है और निर्देश दिया कि इसे आगे के आदेशों के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए।

न्यायालय के इस कदम को पर्यावरणीय चिंताओं को दूर करने और औद्योगिक प्रदूषण के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मामले पर आगे विचार किए जाने के साथ, आशा है कि स्थानीय समुदायों और पर्यावरण पर प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।

Author: JAN TV Editorial Team

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