गहलोत ने खासतौर पर नए उपराष्ट्रपति भवन का जिक्र करते हुए कहा कि यह भवन धनखड़ के लिए ‘मनहूस’ साबित हुआ है। उनका यह बयान उस बढ़ती खींचतान और आंतरिक विवादों की ओर संकेत करता है जो राज्य और पार्टी स्तर पर चल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति से निपटना जरूरी है ताकि पार्टी कार्यकर्ताओं में विश्वास और संगठनात्मक एकता बनी रहे। गहलोत का यह बयान राजनीतिक माहौल और आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच आया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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