इस फैसले का सीधा असर यात्रियों पर पड़ा है। जो लोग जयपुर, जोधपुर, उदयपुर या कोटा जैसे शहरों के बीच रोज़ सफर करते थे, वे अब बस अड्डों पर फंसे हैं। कई यात्रियों ने बताया कि साधारण बसों और टैक्सियों का किराया सामान्य से 5 से 6 गुना बढ़ा दिया गया है।
जयपुर समेत कई शहरों में ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म्स ने भी स्लीपर बसों की बुकिंग बंद कर दी है। वहीं, बस ऑपरेटरों के एसोसिएशन के भीतर भी मतभेद उभर आए हैं — कुछ सदस्य सरकार से बातचीत के पक्ष में हैं, तो कुछ आंदोलन की तैयारी में जुटे हैं।
सरकार का कहना है कि “सुरक्षा मानकों और परमिट नियमों का पालन अनिवार्य है,” जबकि बस ऑपरेटरों का आरोप है कि नए नियम अव्यावहारिक हैं और छोटे व्यवसायियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
इधर यात्रियों की परेशानी बढ़ती जा रही है — त्योहारों और शादियों के सीजन में लोग मजबूरन ऊँचे दामों पर यात्रा करने को विवश हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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