(India)
आज के डिजिटल दौर में ध्यान केंद्रित रखना मुश्किल होता जा रहा है। काम या पढ़ाई के दौरान कुछ ही मिनटों में मन मोबाइल या सोशल मीडिया की ओर खिंच जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह ‘पॉपकॉर्न सिंड्रोम’ का संकेत हो सकता है — एक ऐसी स्थिति जिसमें दिमाग लगातार नई चीज़ों की तलाश में रहता है।
लगातार नोटिफिकेशन, रील्स और अलर्ट हमारे दिमाग को तुरंत डोपामिन मिलने की आदत डाल देते हैं। इससे हम किसी भी काम पर लंबे समय तक फोकस नहीं कर पाते और हर थोड़ी देर में ध्यान भटक जाता है। मल्टीटास्किंग और नींद की कमी इस समस्या को और बढ़ा देती है।
हालांकि यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन इसे नज़रअंदाज़ करना सही नहीं। डिजिटल ब्रेक लेना, नोटिफिकेशन बंद करना और एक समय में एक ही काम पर ध्यान देना इसके असर को कम कर सकता है। थोड़ा डिजिटल अनुशासन अपनाकर आप फिर से अपनी एकाग्रता वापस पा सकते हैं।