गुरुपर्व के मुख्य समारोह मंच पर खिंचीं तलवारें,
(India) पटना सिटी [जासं]। विश्व में सिखों के दूसरे तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में मनायी जा रही दशमेश गुरु गोविंद सिंह की 347 वीं जयंती के मुख्य समारोह के दौरान मंगलवार को अचानक मंच पर तलवारें खिंच गयीं। वर्ष 2017 में आयोजित होने वाले 350वें प्रकाशोत्सव के लिए जब अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी प्रताप सिंह को तख्त साहिब की सेवा की जिम्मेवारी देने के पश्चात उनकी पगड़ी रस्म होने लगी। उसी दौरान मंच पर जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह के पहुंचते ही घमासान मच गया। मंच पर ही मारपीट होने लगी। धक्कामुक्की के बीच लाठियां भी चलीं। कथा सुन रहे श्रद्धालुओं के बीच हड़कंप मंच गया।
इस घटना में तख्त साहिब के जत्थेदार व उनके पुत्र समेत चार लोग घायल हो गये। दोनों पक्षों के बीच तनातनी के बीच पहुंचे चौक थानाध्यक्ष पुष्कर कुमार व अन्य पुलिसकर्मियों ने तत्काल मामला शांत कराया। सिखों के बीच बढ़ते तनाव को देख एसएसपी मनु महाराज, सिटी एसपी जयंतकांत, एसडीओ डा. त्यागराजन एसएम, डीएसपी राजेश कुमार समेत एक दर्जन से अधिक थानों के मोबाइल के अलावा रैफ के जवान शांति व सुरक्षा कायम करने में जुट गये। माहौल अब भी तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।
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कैसे बढ़ा बवालश्री गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती को ले मुख्य समारोह का कार्यक्रम तख्त साहिब परिसर में भव्य रूप से सजे पंडाल में चल रहा था। लुधियाना के कथावाचक भाई साहिब ज्ञानी पिंदरपाल सिंह ने दशमेश गुरु की जीवनी पर प्रकाश डाला। उसके बाद सुबह लगभग 9 बजे तख्त श्री हरिमंदिर प्रबंधक समिति के महासचिव सरदार चरणजीत सिंह ने मंच से घोषणा की कि श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज की 350 वीं जयंती को ले अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी के रूप में हुजूर साहिब के ज्ञानी प्रताप सिंह को धार्मिक कार्यो में सहयोग के लिए नियुक्त किया जाता है। इसके बाद पगड़ी रस्म में अमृतसर के बाबा कश्मीर सिंह भूरिवाले, यमुनानगर के महंत करमजीत सिंह, हरिद्वार के महंत तथा प्रबंधक समिति के पदाधिकारी शामिल थे। इसी बीच तख्त हरिमंदिर जी के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह व उनके पुत्र गुरु प्रकाश मंच पर पहुंचे। जत्थेदार ने माइक लेकर कुछ बोलने का प्रयास किया। मंच पर लाठी ले खड़े चार सिख जत्थेदार के हाथ से माइक छीनने लगे। इसका विरोध जत्थेदार व उनके पुत्र ने किया। धक्कामुक्की के बीच चली तलवार व लाठी से जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह, पुत्र गुरु प्रकाश, ग्रंथी गुरदयाल सिंह व मोकामा के गुरजीत सिंह घायल हो गये। धक्कामुक्की व मारपीट के दौरान जत्थेदार की पगड़ी गिर गई। मंच पर जुटे सिख, जत्थेदार व अन्य के बीच घमासान होता देख कथा सुन रहे संगत पंडाल से भागने लगे। जख्मी जत्थेदार व पुत्र की मारपीट की सूचना फैलते ही स्थानीय संगतों में आक्रोश फैल गया।
घटना के दस मिनट बाद जख्मी जत्थेदार व पुत्र के साथ पचास से अधिक की संख्या में तलवार व लाठी संग पहुंचे सर्मथकों ने जत्थेदार के साथ बदसलूकी करने वालों को सबक सिखाने को ले तलवार व लाठियां भांजी। चौक थानाध्यक्ष व अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझा कर थाने लाया। थाने से जख्मियों को इंज्यूरी के लिए अस्पताल भेजा गया। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
जत्थेदार ने भंग की कमेटी पदाधिकारी व सदस्य तनखैया घोषित
चौक थाने में जख्मी जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ प्रबंधक समिति के पदाधिकारी तथा कुछ अन्य साजिश रच उनके साथ दु‌र्व्यवहार व मारपीट करवा रहे हैं। इस कारण उन्होंने प्रबंधक समिति के पदाधिकारी व सदस्यों को तनखैया घोषित कर कमिटी भंग कर दी है। उन्होंने आज की घटना में कुछ संतों के भी शामिल होने की बात कही। कहा कि उनके साथ पूरी संगत है। बाल लीला गुरुवार के कारसेवक अमृतसर निवासी कशमीरा सिंह भूरी वाले को न सिर्फ गुरुद्वारा से बल्कि बिहार से ही बाहर किया जाए। जत्थेदार ने यह गुहार मुख्यमंत्री से लगाते हुए कहा कि बाहरी तत्व बिहार की शांति को भंग करने की गहरी साजिश रच रहे हैं।

Author: JAN TV Editorial Team

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