लोकसभा चुनाव में खजाने की खराब सेहत के साथ जाने से बच रही केंद्र सरकार ने इसमें सुधार का आखिरी दांव चल दिया है। आखिरी दो महीने में बड़ी सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर खजाने में हवा भरने की कोशिश कर रही है। अब से लेकर मार्च तक सरकार चार सार्वजनिक उपक्रमों यानी पीएसयू को विनिवेश के लिए बाजार में उतार देगी। चालू वित्त वर्ष 2013-14 में राजकोषीय घाटे को 4.8 फीसद के बजट अनुमान पर रोकने में वित्त मंत्रालय को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। नवंबर तक राजकोषीय घाटा लक्ष्य के 94 फीसद तक पहुंच चुका है। इस लिहाज से मार्च के अंत तक इस घाटे को 5,42,499 करोड़ रुपये के लक्ष्य तक रोकना मुश्किल हो जाएगा। यही वजह है कि वित्त मंत्रालय चुनाव में जाने से पहले किसी भी तरह से खजाने की हालत दुरुस्त दिखाना चाहता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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