अगर रिजर्व बैंक (आरबीआइ) की नई समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया तो फिर अगले दो वर्षो के भीतर देश के हर नागरिक के पास अपना बैंक खाता होगा। इतना ही नहीं, गरीब जनता के लिए बैंक आकर्षक रिटर्न वाली जमा योजनाएं और बीमा पॉलिसियां भी लांच कर पाएंगे। देश के हर नागरिक को वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने पर सुझाव देने के लिए गठित नचिकेत मोर समिति ने अपनी रिपोर्ट आरबीआइ को सौंप दी। देश के कोने-कोने में बैंक खोलने व लोगों को वित्तीय उत्पाद पहुंचाने पर यह रिपोर्ट मौजूदा व्यवस्था में व्यापक बदलाव के पक्ष में है। रिपोर्ट की पहली सिफारिश है कि सरकार को एक जनवरी, 2016 तक देश के हर नागरिक को बैंक खाता नंबर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखना चाहिए। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए समिति ने कई सुझाव दिए हैं। मसलन, गरीबों व छोटे उद्यमियों के लिए खास तौर पर एक बैंक स्थापित किया जाए। इस बैंक की लागत कैसे कम रखी जाएगी और कैसे यह कम संसाधन में बेहतर परिणाम दे सकता है, इस बारे में भी समिति ने विस्तार से सुझाव रखे हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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