अमेरिका की एक शोध एजेंसी ने भारतीय अमेरिकी न्यूरोसाइंटिस्ट खलील रजाक को मस्तिष्क की प्रक्रिया पर उनके शोध के लिए 8,66,902 (करीब 5.4 करोड़ रुपये) का पांच वर्षीय अनुदान दिया है। इस शोध के तहत उम्र बढने से जुड़ी सुनने की समस्याओं का उपचार ढूंढने में मदद मिलेगी। नेशनल साइंस फाउंडेशन (एनएसएफ) ने फैकल्टी अर्ली करियर डेवलेपमेंट प्रोग्राम के तहत रजाक को अपनी शोध परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए यह अनुदान राशि दी है। रजाक ने अपने शोध में पता लगाया है कि मस्तिष्क रोजमर्रा की आवाजों पर कैसे काम करता है और किस तरह इसका इस्तेमाल लंबे समय से चली आ रही श्रवण संबंधी समस्याओं और फ्रैगाइल एक्स सिंड्रोम का उपचार करने में किया जा सकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।