भारतीय बाजार में आने के लिए अमेरिकी रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट द्वारा की गई लॉबींग की जांच में कोई ठोस सुबूत नहीं मिल पाया है। कंपनी मामलों के मंत्री सचिन पायलट ने कहा है कि यदि अमेरिकी अधिकारियों को इस मामले में कुछ सुबूत मिले तो ही उस पर कार्रवाई की जा सकेगी। अमेरिका में भी कंपनी के खिलाफ जांच चल रही है। पायलट ने कहा कि भारत में लॉबींग के नियमों और वॉलमार्ट पर लगे आरोपों को अलग-अलग करके देखना होगा। लॉबींग को लेकर यहां नियम स्पष्ट नहीं है, जबकि अमेरिका में यह वैध है। वॉलमार्ट ने लॉबींग के लिए अपने देश में ही राशि खर्च की है। कंपनी पर लगे आरोपों के बाद सरकार ने दिसंबर, 2012 में जस्टिस मुकुल मुदगल की एक सदस्यीय समिति को जांच का जिम्मा सौंपा था। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट राज्यसभा को सौंप दी है। समिति को ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला है जिससे साबित हो सके कि वॉलमार्ट ने भारतीय राजनीतिकों या अधिकारियों को रिश्वत दी। संसद का सत्र न चलने की वजह से इस रिपोर्ट पर चर्चा नहीं की जा सकी।
Author: JAN TV Editorial Team
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