बेंगलुरु रेप केस: साक्ष्‍य गायब करने को लेकर स्कूल का चेयरमैन गिरफ्तार
(Anekal, Bangalore) बच्ची से बलात्कार की इस घटना के बाद से लोगों में गुस्सा भड़क उठा और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त एम एन रेड्डी ने संवाददाताओं को बताया कि विबग्योर हाई स्कूल के चेयरमैन रूस्तम केरावाला को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं, किशोर न्याय कानून और बाल यौन अपराध सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने केरावाला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 201 (अपराध के साक्ष्य गायब करना या दोषी को बचाने के लिए झूठी जानकारी देना) लगाई है। रविवार को स्केटिंग के प्रशिक्षक मुस्तफा की मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तारी के बाद इस मामले में यह अब तक की दूसरी गिरफ्तारी है। दोषियों को पकड़ने और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई में होने वाली देरी की व्यापक स्तर पर आलोचना हुई। इसके बाद से शहर में और अन्य जगहों पर पिछले एक सप्ताह में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। यह घटना 2 जुलाई को हुई थी और शिकायत 14 जुलाई को दर्ज की गई। मामले में पहली गिरफ्तारी शिकायत दर्ज होने के छह दिन बाद हुई। लोगों में गुस्सा बढ़ने के साथ सरकार ने पुलिस के शीर्ष अधिकारियों में सोमवार को फेरबदल करते हुए राघवेंद्र अरूदकर को स्थानांतरित करके रेड्डी को पुलिस आयुक्त पद पर नियुक्त कर दिया। मुख्य आरोपी को लड़कियों के साथ ‘घोर दुराचार’ के लिए पहले भी एक स्कूल से निकाला गया था। अपने कर्मचारी की पृष्ठभूमि की जांच न करने के लिए विबग्योर हाई स्कूल आलोचना झेल रहा है। वर्ष 2011 में विबग्योर हाई स्कूल में नौकरी शुरू करने वाले मुस्तफा को रविवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि उसे मुस्तफा के पास से मिले लेपटॉप में बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री मिली। कर्नाटक सरकार ने इंडियन स्कूल सर्टीफिकेट एग्जामिनेशन्स बोर्ड को भी पत्र लिखकर इस स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए कहा है।

Author: JAN TV Editorial Team

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