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संयुक्त राष्ट्र के अनुरोध पर इजराइल और हमास के बीच मानवीय आधार पर लागू हुए 12 घंटे के संघर्षविराम का उपयोग गाजा के निवासियों ने बमबारी में ध्वस्त हुए मकानों के मलबों से शवों को निकालने के लिए किया। 19 दिन से चल रहे इस संघर्ष ने अभी तक 1000 से ज्यादा फलस्तीनियों की जान ली है। इजराइल और हमास 12 घंटे के एक मानवीय संघर्षविराम पर सहमत हुए थे। बाद में इजराइल ने इसे चार घंटे बढ़ाकर स्थानीय समयानुसार आधी रात तक कर दिया। पर जीएमटी के मुताबिक शाम पांच बजे 12 घंटे के संघर्षविराम का समय पूरा होने के बाद इस्राइली सेना ने गाजा से तीन मोर्टार दागे जाने की सूचना दी। हमास ने कहा कि 12 घंटे का संघर्षविराम खत्म हो जाने के बाद उसने गाजा से इजराइल पर कई रॉकेट दागे। हमास ने कहा कि संघर्षविराम बढ़ाने पर कोई सहमति नहीं हुई थी। हमास के एक प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, चार घंटे के संघर्षविराम पर कोई सहमति नहीं थी। इस अस्थाई संघर्षविराम के दौरान फलस्तीनी पागलों की तरह मलबे खंगाल रहे थे ताकि अपनों के शव खोज सकें। चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि गाजा पट्टी से अभी तक 100 से ज्यादा शव निकाले जा चुके हैं। मलबों से आज निकाले गए शवों के साथ ही संघर्ष में मरने वाली फलस्तीनियों की संख्या 1,000 से ज्यादा हो गई है। इजराइल की सेना ने कहा कि संघर्षविराम लागू होने से पहले आज तड़के गाजा पट्टी में लड़ते हुए उसके तीन सैनिकों की मौत हो गई।
Author: JAN TV Editorial Team
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