(International)
उन्होंने साथ ही 20 दिन से चले आ रहे गाजा संघर्ष में मारे जाने वाले फलस्तीनियों की बढ़ती संख्या पर भी चिंता जताई है। व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति ने पुरजोर शब्दों में इस्राइल के खिलाफ हमास के राकेट हमलों एवं सुरंग हमलों की निंदा की और इस्राइल के आत्मरक्षा के अधिकार की पुष्टि की। इसने कहा कि राष्ट्रपति ने हताहत फलस्तीनी नागरिकों और इस्राइली नागरिकों की बढ़ती संख्या पर अमेरिका की गंभीर चिंता को दोहराया। साथ ही उन्होंने गाजा में खराब होते मानवीय हालात की भीषणता को भी रेखांकित किया। इस मुद्दे पर विदेश मंत्री जान केरी के प्रयासों के साथ ओबामा ने तत्काल और बिना शर्त मानवीय युद्धविराम के रणनीतिक महत्व को स्पष्ट किया जो फिलहाल की भयावह स्थिति पर रोक लगाए और नवंबर 2012 के युद्धविराम समझौते के आधार पर स्थायी समाधान का रास्ता दिखाता हो। ओबामा ने मिस्र के शांति प्रयासों तथा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समन्वय के प्रति अमेरिका का समर्थन दोहराया। नेतन्याहू को की गई फोन काल के दौरान ओबामा ने अमेरिका के इस विचार पर जोर दिया कि इजरायल-फलस्तीन संघर्ष के किसी भी स्थायी समाधान से यह सुनिश्चित होना चाहिए कि आतंकी समूहों का निरस्त्रीकरण हो और गाजा में सेना की मौजूदगी को समाप्त किया जाए।
Author: JAN TV Editorial Team
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