पुणे भूस्खलन: मृतकों की संख्या बढ़कर 30 हुई, बारिश से बचाव कार्य मे बाधा
(MAHARASHTRA, India) बचाव कर्मियों ने सुबह बचाव कार्य फिर से शुरू किया जो कल रात बारिश और खराब दृश्यता के चलते बाधित हो गया था। अब तक 30 शव निकाले जा चुके हैं। पश्चिमी महाराष्ट्र में पुणे जिला मुख्यालय से करीब 120 किलोमीटर दूर अंबेगांव तालुका स्थित मालिन गांव में करीब 44 मकान कल सुबह एक बड़े भूस्खलन में जमींदोज हो गए थे। एक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा धसक जाने करीब 160 लोग मलबे में दब गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के अधिकारियों के अनुसार एनडीआरएफ जवानों ने अभी तक मलबे में से 30 शव निकाले हैं। जवानों ने मलबे से आठ लोगों को जिंदा निकाल लिया। जिला अधिकारियों ने कहा कि रूक रूककर बारिश और कीचड़ से राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। इस बीच पुणे स्थित पुलिस नियंत्रण कक्ष ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह कल रात पुणे रूकने के बाद सुबह दुर्घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कल रात घटनास्थल का दौरा किया और राहत अभियान की समीक्षा की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गांव में भीड़ एकत्रित ना करें क्योंकि इससे जारी राहत अभियान प्रभावित हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल इस आपदा में हुई जनहानि पर संवेदना जतायी और सिंह से कहा कि वह तत्काल पुणे जाएं और स्थिति का जायजा लें। पुणे के कलेक्टर सौरभ राव ने पहले बताया था कि भारी मशीनों को सेवा में लगाया गया है लेकिन बचावकर्मी धीरे धीरे कार्य कर रहे हैं ताकि जिंदा बचे लोगों को नुकसान ना पहुंचे। उन्होंने बताया कि मलबा साफ करने का अभियान जारी है।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।