(ORISSA, India)
बस्तर से ओडिशा के बीच गरियाबंद महासमुंद और धमतरी में माओवादी मूवमेंट को अंजाम देने वाले माओवादीयों ने गरियाबंद में सीआरपीएफ की 65 वीं बटालियन के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। सर्मपण करने वालों में बैंजन्ती उर्फ क्रांती और मलेश् उर्फ लखमू कमांडर हैं, दोनों गरियाबंद क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय थे, और कई बड़ी वारदातों को इन्होंने अंजाम दिया है। गरीयाबंद धमतरी क्षेत्र में माओवादी आतंक का पर्याय बन चुके बैजन्ती उर्फ क्रांती और मलेश उर्फ लखमू ने कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था, सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन लंबे समय से इन माओवादीयों से इंटेलीजेंस के जरिए संपर्क में थी। आखिरकार इन दोंनों माओवादियों के साथ कुल 7 लोगों ने सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया है। बैजन्ती और मलेश गरियाबंद कमेटी के उदन्ती दलम में एसीएम स्तर के कमांडर थे। धमतरी और कांकेर की सीमा पर रीसगांव ब्लास्ट इसमें 3 सुरक्षा जवान शहीद हो गए थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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