भारतरत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की चांदी की शहनाई चोरी हो गई है। यह वही शहनाई थी जिसे उस्ताद खास महफिल और आसुओ के नजराना में बजाया करते थे। खास यह भी है कि शहनाई सम्राट सोते समय वे इसे अपने खाट के सिरहाने रखा करते थे। फर्श से अर्श तक ले जाने वाली इस निशानी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेशकीमती माना जाता रहा है। शहनाई कब और कैसे गायब हुई, इसका पता परिजनों को नहीं है। पूरे मामले पर इन दिनों चल रहे पारिवारिक विवाद से भी जोड़ा जा रहा है आश्चर्य यह भी है कि अब तक परिवार के किसी सदस्य द्वारा अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कराया गया है। परिजनों को शक है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तस्करों के माध्यम से इसे पहुचाया जा सकता है। उस्ताद के सबसे छोटे बेटे नाजिम ने मामले पर सी बी आई जाच की मांग की है। महताब हुसैन ने बताया कि 31 अगस्त 2008 को उस्ताद के इंतकाल के बाद से वह कमरा बंद रहता है। शहनाई चोरी का राज तब खुला जब उनके घर को तोड़कर उसे नया रूप देने की खातिर कमरे का सामान निकाला जा रहा था। उस्ताद की शहनाई कब और कैसे गायब हो गई, पता नहीं चला। लेकिन इनका यह भी कहना है कि शहनाई 2009 से ही नहीं दिखा परिवार में किसी सदस्य के पास होने के अनुमान पर परिवार वालों ने पुलिस को कोई सूचना नहीं दिया गया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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