(ASSAM, India)
इस प्रकार इस मामले में एक तरह से नया मोड़ आ गया है। इस घोटाले में पश्चिम बंगाल के कई मशहूर हस्तियों जैसे मंत्री श्यामापदा मुखर्जी, अभिनेत्री और फिल्म निर्माता अपर्णा सेन, तृणमूल कांग्रेस सांसद अहमद हसन इमरान और पूर्व अधिकारी रजत मजूमदार से सीबीआई या ईडी पूछताछ कर चुकी है। गौर हो कि जांच एजेंसी ने तृणमूल कांग्रस पार्टी के नेताओं समेत कई लोगों से पूछताछ की जबकि सारदा समूह के प्रमुख सुदीप्त सेन और कुछ अन्य को सलाखों के पीछे भेजा। एसएफआईओ ने अंतरिम रिपोर्ट सितंबर 2013 में सौंपी थी। सारदा समूह की 14 कंपनियों की जांच पूरी होने की घोषणा करते हुए एसएफआईओ ने कहा कि एसएफआईओ ने कहा कि यह ‘चिट फंड घोटाले’ के तौर पर मशहूर हुआ। इनमें निवेकों को जो उंचा ब्याज देने का वायदा किया गया था वह अव्यावहारिक था। ये इकइयां चिट फंड के तौर पर भी पंजीकृत नहीं थीं। सरकार ने कहा जांच का निष्कर्ष है कि ऐसे कंपनियां जो योजनाएं चला रही थीं वे ‘पोंजी योजनाएं’ (धोखाधड़ी वाली) थीं। नए ग्राहकों के निवेश का इस्तेमाल आय पैदा करने के बजाय पुराने ग्राहकों को भुगतान करने पर हो रहा था। एसएफआईओ को जांच के दौरान सारदा समूह की विभिन्न कंपनियों के प्रवर्तकों द्वारा गंभीर वित्तीय कुप्रबंधन और धन के गबन के ममाले पाए गए।
Author: JAN TV Editorial Team
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