सूफी इमाम मेंहदी हुसैन का विवादित बयान- 'गरबा राक्षसों के मनोरंजन का साधन'
(GUJARAT, India) इमाम ने कहा है कि नवरात्रों में आयोजित होने वाला गरबे पर राक्षसों का कब्जा हो गया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान लोग भड़काऊ कपड़ने पहनकर नाचते हैं। साधु और संत गरबा में नजर नहीं आते हैं। इमाम ने कहा कि गरबा धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि राक्षसों के मनोरंजन का साधन बन गया है। इमाम ने कहा है कि राक्षसों को खुश करने के लिए गरबे आयोजित होते हैं। गरबा धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राक्षसों को खुश करने का साधन है। इस बयान को लेकर हिंदू संगठनों ने इमाम की गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही विश्व हिंदू परिषद ने इस टिप्पणी का विरोध करते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। गौर हो कि इमाम मेहंदी हुसैन वही शख्स हैं, जिन्होंने 2011 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री (वर्तमान प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी को गोल टोपी पहनाने की कोशिश की थी। मोदी के इनकार करने के बाद बवाल मच गया था।

Author: JAN TV Editorial Team

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