(DELHI, India)
न्यायमूर्ति टी.एस. ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आसाराम की ओर से जो आधार पेश किया गया है, वह जमानत देने लायक नहीं है। 72 वर्षीय आसाराम को तब गिरफ्तार कर लिया गया था, जब 16 वर्षीय एक किशोरी ने यह आरोप लगाते हुए पुलिस में 20 अगस्त, 2013 को शिकायत दर्ज कराई कि आसाराम ने जोधपुर स्थित अपने आश्रम में उसके साथ दुष्कर्म किया। कोर्ट ने यह भी कहा कि जबतक मामले के महत्वपूर्ण गवाहों से जिरह नहीं हो जाती, तबतक आसाराम को जमानत पर रिहा नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने राजस्थान सरकार से उन छह गवाहों के नाम मांगे, जो मामले में अभियोजन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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