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69 वर्षीय अख्तर ने अपने सिनेमाई कैरियर की शुरूआत 1964 में की थी और वह अपने सपनों को साकार करने के लिए ग्वालियर से मुंबई गये थे। उन्होंने तब से लेकर आज तक, फिर पीछे मुड़ कर नहीं देखा और सफलता एवं लोकप्रियता के नये आयाम हासिल किये। उन्होंने पहले एक पटकथा लेखक के तौर पर और फिर फिल्म जगत में सबसे सफल गीतकार के रूप में ख्याति अर्जित की। अख्तर ने कहा, ‘एक या दूसरे मंच पर मेरे इर्द-गिर्द रहने वाले और मेरी सराहना करने वाले सभी लोगों का मैं शुक्रिया अदा करता हूं। लेकिन अपने सफर के दौरान मैने महसूस किया कि अपने से उम्र में कम युवा पीढ़ी का सम्मान करना और इस बात को ईमानदारी से स्वीकार करना जरूरी है कि हम से आधी उम्र के लोग बहुत सी बातों के बारे में हमसे ज्यादा जानते हैं। अगर आप यह जानने की कोशिश करेंगे कि वह क्या कर रहे हैं, उन्हें सुनेंगे और समझेंगे तब पीढ़ीगत अंतर नहीं रह जाएगा।’ आरडी बर्मन, शिव-हरि से लेकर एआर रहमान, शंकर एहसान लॉय जैसे युवा संगीतकारों के साथ सफलतापूर्वक काम करने वाले गीतकार ने कहा कि वह अपने पूरे कैरियर में हमेशा सीखने के लिए तैयार रहे हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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