भारत के कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई को शांति नोबेल पुरस्कार
(DELHI, India) कैलाश बच्चों के अधिकारों के लिए काम करते हैं, जबकि मलाला पाकिस्तान की जानी मानी बाल मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं, कैलाश सत्यार्थी को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने के बाद भारत में खुशी की लहर दौड़ गई है, जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश और पूर्व महिला आईपीएस अधिकारी और प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता किरण बेदी ने इसपर अपनी खुशी का इजहार किया है, नोबेल कमेटी ने एक बयान जारी कर कहा है कि वर्ष 2014 का शांति के लिए नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से कैलाश सत्यार्थी और मलाला यूसुफजई को बच्चों और युवाओं के दमन के खिलाफ और बच्चों की शिक्षा की दिशा में काम करने के लिए दिया गया है, हालांकि, इस रेस में एडवर्ड स्नोडन, पोप फ्रैंसिस भी थे, इस साल के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 278 नोमिनेशन किए गए हैं

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।