(DELHI, India)
सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है और उनकी सभी सेवाओं से मुक्त कर दिया गया है। सैन्य कोर्ट की ओर से इन लोगों पर यह फैसला दिया गया है। कोर्ट ने माछिल एनकाउंटर केस में सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। गौर हो कि वर्ष 2010 में इन लोगों ने तीन लड़कों को पाकिस्तानी बताकर उनका फर्जी एनकाउंटर किया था। गौर हो कि वर्ष 2010 में सेना ने नियंत्रण रेखा के पास माछिल सेक्टर में तीन घुसपैठियों को मारने का दावा किया था। सेना ने बाद में कहा कि वे पाकिस्तानी आतंकवादी थे, लेकिन बाद में उनकी पहचान बारामूला जिले के नदीहाल इलाके के रहने वाले मोहम्मद शाफी, शहजाद अहमद और रियाज अहमद के रूप में की गई। उन्हें कथित तौर पर सीमा इलाके में ले जाकर गोली मारी गई। पीड़ितों के रिश्तेदारों की शिकायतों के बाद पुलिस ने प्रादेशिक सेना के एक जवान और दो अन्य को गिरफ्तार किया, लेकिन घटना के बाद पूरी कश्मीर घाटी में अशांति फैल गई। बड़े पैमाने पर प्रदर्शन होने लगे, जिनमें 123 लोग मारे गए।
Author: JAN TV Editorial Team
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