(ORISSA, India)
सीबीआईसूत्रों ने बताया कि ये छापेमारियां ओडिशा और कोलकाता में विभिन्न स्थानों पर की जा रही हैं जिनमें कुछ राजनीतिज्ञों के परिसर भी शामिल हैं। सीबीआई की यह कार्रवाई उसकी ओर से मामले में आरोपपत्र दाखिल करने के एक दिन बाद हुई जिसमें उसने आरोप लगाया है कि राज्य सशस्त्र पुलिस के पूर्व महानिदेशक और तृणमूल उपाध्यक्ष रजत मजूमदार और ईस्ट बंगाल क्लब के पदाधिकारी देबब्रत सरकार चिट फंड घोटाले से जमा धन से लाभान्वित होने वालों में शामिल हैं। आरोपपत्र में जिन लोगों के नाम हैं उनमें सारदा अध्यक्ष सुदिप्त सेन, कार्यकारी निदेशक देबजानी मुखर्जी, महानगर के कारोबारी संधीर अग्रवाल और उसके पिता सज्जन अग्रवाल एवं असम आधारित गायक सदानंद गोगोई शामिल हैं। इसमें सारदा समूह की चार कंपनियां - सारदा रियलिटी इंडिया लिमिटेड, सारदा टूर्स ऐंड ट्रवेल्स प्रा. लि., सारदा हाउसिंग प्रा. लि. और सारदा गार्डन रिसोर्ट्स ऐंड होटल प्रा. लि. भी नामित हैं। सीबीआई सीशोर चिट फंड घोटाले में कथित भूमिका को ले कर अतीत में ओडिशा के अनेक राजनीतिक दिग्गजों से पूछताछ कर चुकी है। सीशोर ग्रुप की जांच से नवीन पटनायक सरकार को परेशानी हो सकती है क्योंकि उसने सार्वजनिक-निजी साझेदारी के आधार पर विभिन्न परियोजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी इस समूह दी थी।
Author: JAN TV Editorial Team
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