बाबा रामपाल पर शिकंजा कसा आश्रम में घटे समर्थक, देशद्रोह का केस भी दर्ज
(Ambala, Ambala) हिसार -.बरवाला गैर जमानती वारंट के बावजूद अवमानना के मामले में कोर्ट में पेश न होकर हरियाणा सरकार के लिए चुनौती बने सतलोक आश्रम (हिसार) के संचालक बाबा रामपाल को गिरफ्तार करने में नाकाम रही पुलिस ने बुधवार को कहा कि बाबा को जब तक पकड़ नहीं लिया जाएगा, तब तक अभियान जारी रहेगा। रामपाल के खिलाफ देशद्रोह सहित कई धाराओं के तहत मुकदमा दायर किया गया है। हरियाणा के डीजीपी एस.एन. वशिष्ठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि ऑपरेशन के मौजूदा चरण में आश्रम के भीतर से रामपाल के समर्थकों को निकाला जाएगा। उन्होंने मंगलवार की झड़प में पांच महिलाओं और एक बच्चे की मौत की पुष्टि की। लेकिन, पुलिस कार्रवाई में इनकी मौत नहीं होने की बात भी कही। उन्हों्ने कहा कि अभियुक्तु रामपाल आश्रम के अंदर ही है, लेकिन वहां दस से पंद्रह हजार निर्दोष लोगों की मौजूदगी के चलते हमारी पहली प्राथमिकता उन लोगों को बचाना है। उन्होंने कहा कि दस हजार लोग निकाले जा चुके हैं और करीब पांच हजार लोगों को निकालना बाकी है। डीजीपी ने बताया कि बुधवार सुबह आश्रम के लोगों ने चार महिलाओं की डेड बॉडीज प्रशासन को सौंपी। ये महिलाएं हैं- सविता (31, दिल्ली), संतोष (45,रोहतक), मलकीत कौर (50, संगरूर), राजबाला (70, बिजनौर)। इनके शव का पोस्ट3मार्टम कराया जा रहा है। डीजीपी ने कहा कि इनके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं है। मौत की वजह पोस्ट3मार्टम से पता चलेगी। ललितपुर (यूपी) की 20 साल की रजनी की मौत अस्पताल में हुई। उसे आश्रम से निकाला गया तो उसकी तबीयत खराब थी। डीजीपी के मुताबिक उन्हेंट हार्ट वाल्वर की दिक्कीत थी। डेढ़ साल का एक बच्चा भी मौत का शिकार हुआ है। वह रीवा, मध्य प्रदेश का था। बताया जाता है कि उसे जन्म से ही पीलिया था। मंगलवार को बाबा के सतलोक आश्रम के बाहर 45 हजार सुरक्षा बलों और रामपाल के समर्थकों के बीच 6 घंटे तक संघर्ष चला था। आश्रम की ओर से कहा जा रहा है कि पुलिस कार्रवाई में लोग मारे गए, लेकिन पुलिस का कहना है कि उनकी ओर से एक भी गोली नहीं चलाई गई। पुलिस का आरोप है कि आश्रम के भीतर से पेट्रोल बम, पत्थ र फेंके गए और गोलियां चलाई गईं।
क्या है मामला
अवमानना मामले में गैर जमानती वारंट के बावजूद सतलोक आश्रम के संचालक बाबा रामपाल को दो तारीखों (10 और 17 नवंबर) पर नहीं पेश किए जाने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए 21 नवंबर को बाबा को पेश करने के लिए कहा है।
क्यों जारी हुआ है गैर जमानती वारंट
12 जुलाई, 2006 को हरियाणा के रोहतक के करौंथा में बाबा रामपाल द्वारा संचालित सतलोक आश्रम के बाहर जमा भीड़ पर हुई फायरिंग में झज्जर के एक युवक की मौत हो गई थी। मृतक के भाई का कहना है कि गोली आश्रम की ओर से चली थी। इस मामले में बाबा रामपाल और उनके 37 समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। करौंथा स्थित सतलोक आश्रम का स्थानीय ग्रामीण विरोध कर रहे थे। इसी मुद्दे पर 12 मई, 2013 को करौथा में पुलिस व ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प में तीन लोगों की मौत हो गई थी। 14 मई, 2013 को पुलिस ने आश्रम खाली कराया। संत रामपाल बरवाला स्थित आश्रम में चले गए। करौंथा आश्रम को प्रशासन ने कब्जे में ले लिया। इन्हीं मामलों में बाबा रामपाल और उनके अनुयायियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। रामपाल की पेशी से छूट खत्म होने के बाद हिसार कोर्ट में 14 मई, 2014 को उनकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। सुनवाई के दिन समर्थकों ने कोर्ट परिसर में घुसकर बवाल काटा। वकीलों से हाथापाई की और जजों के खिलाफ नारेबाजी भी की। हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया। उनको पेश होने का आदेश दिया गया। कई सुनवाई पर बाबा पेश नहीं हुए तो अदालत ने रामपाल और उनके अनुयायी व सेवा समिति के अध्यक्ष रामकुमार ढाका के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। ढाका पेश हो चुके हैं, उन्हें जमानत भी मिल गई है।

Author: JAN TV Editorial Team

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