संजीदा फिल्मों से विमल रॉय ने दिया सिनेमा को नया आयाम
(India) भारतीय सिने जगत के इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में अंकित बिमल राय अपने संजीदगी भरी फिल्मों के लिये याद किए जाते हैं। हिन्दी सिनेमा के मील के पत्थरों में से एक बिमल राय आज ही के दिन सन 1965 में हमसे विदा ले गये थे। 12 जुलाई 1909 को जन्मे राय बंगाल के एक जागीरदार परिवार में जन्में थे।
कैमरा असिस्टेंट से की थी करियर की शुरूआत
बिमल राय ने अपना करियर न्यू थियेटर प्रा. लि. के साथ एक कैमरा असिस्टेंट के रूप में की थी। के.एल. सहगल द्वारा अभिनीत तथा 1935 में बनी फिल्म देवदास में उन्होंने डायरेक्टर पी.सी. बरूआ को असिस्ट किया था।
रचा यथार्थ फिल्मों का मायाजाल
कुछ बेहतर करने की उम्मीद में बिमल 1950 में कोलकाता से मुंबई चले आए और रिषीकेश मुखर्जी, नबेन्दु घोष, असित सेन, कमल बोस तथा सलिल चौधरी के साथ अपनी टीम बनाई। अपनी इस टीम के साथ उन्होंने दो बीघा जमीन, परिणीता, मधुमती, सुजाता और बंदिनी जैसी दिल को छू लेने वाली फिल्में बनाई। 8 जनवरी, 1965 को विमल दुनिया को अलविदा कह गए।

Author: JAN TV Editorial Team

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