जस्टिस मार्कंडेय काटजू के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित
(India)
महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर अपने बयान के लिए सर्वसम्मति से राज्य सभा में निंदा प्रस्ताव पारित होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कहा कि महज निंदा पर्याप्त नहीं है और उन्हें बिना मुकदमे के फांसी की सजा दी जानी चाहिए । काटजू ने अपने ब्लॉग में कहा है, ओह! आश्चर्यजनक खबर। राज्य सभा (भारतीय संसद का उच्च सदन) ने मेरी निंदा में एक प्रस्ताव पारित किया है। लेकिन निश्चित तौर पर यह पर्याप्त नहीं है। मुझे उस फर्जी, जिसे राष्ट्रपिता कहा जाता है और जापानी फासिस्टों के एजेंट के बारे में जो मैंने कहा उसके लिए भी अवश्य दंडित किया जाना चाहिए। महज निंदा दंड नहीं है। इससे पहले आपको बतादें की मार्केडेंय काटजू ने अपने ब्लॉग पर गांधी को चालाक पाखंडी भी कहा था।
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