बीमा विधेयक राज्यसभा में भी पारित
(India)
बहुप्रतीक्षित बीमा विधेयक राज्यसभा में भी पारित हो गया। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी हैं। कांग्रेस के समर्थन के बाद यह बिल आसानी से राज्यसभा से भी पास हो गया। इस बिल में एफडीआई की सीमा बढ़ाकर 26 से 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव हैे। राज्यसभा से बीमा बिल का पास होना नरेंद्र मोदी सरकार की बड़ी सफलता माना जा रहा है। बीमा बिल के जरिये सरकार यह संदेश देना चाहती है कि वह बीमा- रक्षा समेत तमाम सेक्टरों में विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करना चाहती है। वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि यह विधेयक केवल जीवन बीमा से ही संबंधित नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें अपने देश में स्वास्थ्य बीमा, फसल बीमा जैसे साधारण बीमा के विभिन्न क्षेत्रों को मजबूत बनाना है। उन्होंने रेलवे द्वारा एलआईसी से किये गये सहमति करार का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि हमारी जीवन बीमा कंपनियां मजबूत होंगी तो आधारभूत क्षेत्र के लिए हमें अधिक निवेश मिल सकेगा । विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए कुछ सदस्यों ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा बढाए जाने का विरोध किया जबकि अधिकतर सदस्यों ने बीमाधारकों के हितों की रक्षा की जरुरत पर बल दिया.
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