केंद्र सरकार फिर भूमि अधिग्रहण अध्यादेश लाने की तैयारी में है। संसदीय मामलों की केबिनेट कमेटी की शुक्रवार को हुई एक अहम बैठक में इस बारे में चर्चा की गई। संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने अध्यादेश लाने के संकेत दिए हैं। इस बीच संसद में संशोधित भूमि अधिग्रहण बिल की रार अब सियासी बहस की चुनौती का सबब बन गई है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की ओर से हाल मंह बिल पर बहस की पेशकश को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को ठुकरा दिया है। उन्होंने चिटी लिखकर कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल उसी स्वरूप में स्वीकार होगा, जिस स्वरूप में उसे यूपीए सरकार ने पास किया था। आंशिक संशोधन असंतोषजनक और अस्वीकार्य हैंझ अध्यादेश की समय सीमा 5 अप्रेल को खत्म हो रही है। कोई भी अध्यादेश तब जारी नहीं हो सकता, जब संसद का सत्र चल रहा हो। शुक्रवार को राज्यसभा के बजट सत्र का सत्रावसान हो गया। इसलिए सरकार अध्यादेश लाने जा रही है।
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