वहीं प्रधानमंत्री ने एक बड़ा एलान करते हुए कहा कि वर्त्तमान में 27 लाख परिवारों को पाइपलाइन के माध्यम से गैस दी जा रही है. सरकार अगले चार सालों में एक करोड़ लोगों तक पाइपलाइन के माध्यम से रसोई गैस पहुंचाने के लिए कृतसंकल्प है. नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस समय हम 77 फीसदी इंपोर्टेड एनर्जी पर निर्भर है. इस निर्भरता को खत्म करने के लक्ष्य के तहत 2022 तक इसे 10 फीसदी करना है.उन्होनें कहा कि प्रगति के लिए ऊर्जा आत्म-निर्भरता आवश्यक है. प्रधानमंत्री जन-धन योजना को लाभकारी बताते हुए उन्होंने कहा कि बैंक खातों में सब्सिडी के प्रत्यक्ष अंतरण से एलपीजी सब्सिडी के मामले में होने वाले गडबडी बंद हुई है. अब तक 12 करोड लोगों को सीधे उनके बैंक खाते में रसोई गैस सब्सिडी पहुंचाई जा रही है, यह दुनिया में अपनी तरह का सबसे बडा अभियान है.
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