महीने की शुरुआत में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से आहत किसानों की कमर अभी सीधी भी नहीं हुई कि रविवार देर रात से सोमवार के बीच फिर हुई बारिश ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया। पहले आई बारिश और तेज हवाओं से खेतों में बिछी फसलें अब सडने लगी हैं। इसका सबसे ज्यादा असर गेहूं, सरसों, आलू, आम और दलहनी फसलों पर पड़ा है। नुकसान के सदमे से उत्तर प्रदेश में 12 और किसानों की मौत हो गई। इस दौरान बिहार में भी आंधी-पानी ने जनजीवन प्रभावित किया और वज्रपात से प्रदेश में 15 लोगों की मौत हो गई। वहीं राजधानी दिल्ली में बारिश और उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी से से कई रास्ते बंद हो गए हैं।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।