बता दें, चंडीगढ़ में रहने वाली नीरजा 5 सितंबर 1986 को मुंबई से न्यूयॉर्क जा रहे पैन एम फ्लाइट 73 के अपहृत विमान में यात्रियों की सुरक्षा करते हुए आतंकियों की गोलियों का शिकार हो गईं थीं। उनकी बहादुरी के लिए मरणोपरांत उन्हें भारत सरकार ने शांति काल के अपने सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया। उन्हें पाकिस्तान सरकार और अमेरिकी सरकार ने भी अदम्य साहस के लिए सम्मानित किया । कराची एयरपोर्ट पर हुई इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और 150 लोग घायल हुए थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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