पद्मावती' के वंशज विश्वराज सिंह बोले- फिल्म पद्मावती में इतिहास को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया
(Jaipur, Jaipur) संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर विवाद लगातार जारी है। इस बारे में मेवाड़ के पूर्व राजराने के सदस्य और पदिमनी के वंशज विश्वराज सिंह का कहना है कि रानी पदि्मनी पर बेस्ड फिल्म पद्मावती में इतिहास को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है, जो हमे मंजूर नहीं है। फिल्म की रिलीज से पहले गाने, पोस्टर देखने से पता चलता है कि रानी पद्मावती का जीवन चरित्र गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली ने ऐसा अपने फायदे के लिए किया है।

विश्वराज सिंह ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गह मंत्री राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सेंसर बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी को पत्र लिखकर सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म पद्मावती को जारी सर्टिफिकेट को रोकने की मांग की है।

दूसरी तरफ, जयपुर के पूर्व राजराने की सदस्य और भाजपा विधायक राजकुमारी दीया कुमारी ने फिल्म पद्मावती की रिलीज का विरोध करने के लिए जयपुर में गोविंद देव जी मंदिर से हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। दीया कुमारी ने इस मौके पर कहा कि हस्ताक्षर अभियान को संभाग स्तर पर भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने फिल्म भंसाली से आग्रह किया कि वह फिल्म की रिलीज से पूर्व इतिहासकारों के फोरम के समक्ष उसे रिलीज करें।

फिल्म पद्मावति के खिलाफ उठी आवाजें गुजरात और महाराष्ट्र में भी जोरों से दिखने लगी हैं। गुजरात में राजपूत समुदाय, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और करणी सेना ने पद्मावति के खिलाफ साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन का फैसला लिया है। सभी दलों की तरफ से गुजरात के सूरत में विरोध किया जा रहा है।

वहीं महाराष्ट्र में अखंड राजपूताना सेवा संघ के 15 कार्यकर्ताओं को विरोध के चलते हिरासत में लिया गया है। बता दें कि निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर राजपूत समाज से चल रहे विवाद के बीच करणी सेना कई बार विरोध कर चुकी है। करणी ने पहले यह शर्त रखी थी कि भंसाली फिल्म ‘पद्मावती’ का नाम बदल दें या प्रदर्शन से पहले फिल्म का प्रिव्यू हमें दिखाया जाए।

इधर, भंसाली की ओर से राजपूत समाज को भेजे गए पत्र में कहा गया कि फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी और पद्मावती के बीच किसी भी तरह से प्रेम प्रसंग नहीं दिखाया गया है। पत्र में दावा भी किया गया है कि फिल्म में पद्मावति को देखकर मेवाड़ और राजपूत फिल्म देखने के बाद गर्व करेंगे। हालांकि भंसाली और करणी सेना के बीच फिलहाल किसी तरह की सुलह नहीं हुई है।

करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि भंसाली की ओर से हमें सम्पर्क किया गया है। अजीत सिंह के अनुसार हमने भंसाली को कहा है कि फिल्म बनने के बाद पहले हमें प्रिव्यू दिखाया जाए, यदि फिल्म में आपत्तिजनक नहीं है, तो उसके प्रदर्शन से हमें कोई परेशानी नहीं होगी।

Author: JAN TV Editorial Team

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