कोटा के आकाश मॉल में एक थिएटर भी है। यहां कुछ लोग पहुंचे और फिल्म का ट्रेलर दिखाए जाने का विरोध किया। इसी दौरान कुछ लोगों ने सिनेमा हाल में तोड़फोड़ की।
बताया जा रहा है कि फिल्म का विरोध कर रहे राजपूत समाज ने ये तोड़फोड़ की है। राज्य के कई हिस्सों में रैली निकालकर फिल्म के प्रति विरोध जाहिर किया गया।
इस मामले में राजस्थान के होम मिनिस्टर गुलाब चंद्र कटारिया ने कहा लोकतंत्र में विरोध करने का सभी अधिकार है। अगर कोई सवैधानिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करता है तो किसी को ऑब्जेशन नहीं होना चहिए। विरोध करने वाले अगर कानून को अपने हाथ में लेंगे तो उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। मुझे बताया गया है कि इस मामले में अब तक 8 लोगों को अरेस्ट किया गया है।
राजस्थान में करणी सेना बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। राजपूत करणी सेना का मानना है कि इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच इंटीमेट सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। लिहाजा फिल्म को रिलीज से पहले पार्टी के राजपूत प्रतिनिधियों को दिखाया जाना चाहिए। ऐसा करने से रिलीज के वक्त फिल्म के लिए सहूलियत रहेगी और तनाव के हालात से बचा जा सकेगा।
- अब राजस्थान के राजघराने भी विरोध में उतर आए हैं
राजस्थान में फिल्म शूटिंग के दौरान इसके विरोध की शुरुआत हुई थी। शूटिंग के वक्त राजपूत करणी सेना ने कई जगह प्रदर्शन किया था और पुतले फूंके थे। जयपुर में शूटिंग के दौरान कुछ लोगों ने भंसाली से बदसलूकी की थी जिसके बाद कोल्हापुर में फिल्म का सेट लगाया तो यहां भी इसे जला दिया गया।
Author: JAN TV Editorial Team
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