इससे पहले पुलिस ने इस आधार पर जमानत का विरोध किया था कि 21 सितंबर को आरोपी बिशप की गिरफ्तारी के बाद मामला अभी भी जारी है। गौरतलब है कि बिशप के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के 85 दिन बाद गिरफ्तारी हुई थी। 28 जून को कुराविलंगड़ थाने में दुष्कर्म पीड़िता का बयान दर्ज किए जाने के बाद बिशप के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
बता दें कि पीड़िता नन ने आरोप लगाया था कि बिशप ने 2014 से 2016 के बीच कई बार उनके साथ दुष्कर्म किया था। मामला तूल पकड़ने के बाद बिशप ने अपने बचाव में कई तर्क दिए थे।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।