विपक्षी दलों की मांग ये है कि मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) बिल, 2018 को ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए। विपक्षी दलों के शोर शराबे के चलते वोटिंग नहीं कराया जा सका है।
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