बनर्जी ने धरना स्थल पर मौजूद पत्रकारों से कहा, 'यह एक सत्याग्रह है और जब तक देश सुरक्षित नहीं हो जाता मैं इसे जारी रखूंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और गुजरात के विधायक एवं दलित नेता जिग्नेश मेवाणी समेत कई नेताओं के फोन आ रहे हैं। यह पूछने पर कि क्या कोई नेता उनसे मिलने शहर आएगा, बनर्जी ने कहा, 'मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई आना चाहता है तो हम उसका स्वागत करेंगे। यह लड़ाई मेरी पार्टी की नहीं है। यह मेरी सरकार के लिए है।'
इस बीच, कई जिलों से पार्टी समर्थक यहां पहुंचे और उन्होंने ममता बनर्जी के समर्थन में नारे लगाए। हालिशहर से आए समर्थक परितोष सेनगुप्ता ने कहा, हम हमारी दीदी का समर्थन करने यहां आए हैं। हम उनके समर्थन में खड़े हैं। गौरतलब है कि चिटफंड घोटाला मामले में सीबीआई के कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार से पूछताछ करने के प्रयास के खिलाफ ममता बनर्जी रविवार शाम धरने पर बैठीं थीं।
सीबीआई की एक टीम रविवार को मध्य कोलकाता में कुमार के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पहुंची थी लेकिन वहां तैनात संतरियों एवं कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और उन्हें जीप में भर के पुलिस थाने ले गए। सीबीआई कुमार से लापता दस्तावेज और फाइलों के बारे में पूछताछ करना चाहती थी। घोटालों की जांच करने वाली पश्चिम बंगाल की पुलिस टीम का कुमार ने नेतृत्व किया था।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एम चंद्रबाबू नायडू, राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद सहित कई नेताओं ने ममता बनर्जी का समर्थन किया है। राहुल गांधी ने ममता को फोन कर अपना समर्थन दिया और कहा कि पूरा विपक्ष एक साथ है और वह फासीवादी ताकतों को हराएगा।
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