दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने मेट्रो के अधिकारियों से कहा है कि यह योजना हर हाल में हमें लागू करनी है। मेट्रो में महिलाओं की मुफ्त यात्रा पर आने वाले खर्च को दिल्ली सरकार उठाएगी। इसके लिए वह डीएमआरसी को भुगतान करेगी। बसों व मेट्रो में कुल यात्रियों में 33 फीसद महिलाएं होती हैं। इस हिसाब से जो अनुमान लगाया गया है उसके अनुसार, प्रति वर्ष करीब 200 करोड़ रुपये का खर्च बसों को लेकर सरकार पर आएगा।
मेट्रो में महिलाओं की मुफ्त यात्रा पर करीब एक हजार करोड़ का खर्च प्रति वर्ष आएगा। हालांकि, यह मात्रा एक अनुमान है। मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि बसों की अपेक्षा मेट्रो में महिलाएं अधिक यात्रा करती हैं। यदि योजना लागू होती है तो यह दिल्ली की अपनी तरह की अलग योजना होगी।
दिल्ली सरकार की मंशा इस योजना को बसों और मेट्रो में एक साथ लागू करने की है। डीटीसी व क्लस्टर स्कीम की बसों में इसे लागू करने में सरकार के सामने कोई अड़चन नहीं है, मगर मेट्रो में सुरक्षा की दृष्टि से इसे लागू कर पाना थोड़ा टेढ़ा काम है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने शुक्रवार को मेट्रो के अधिकारियों को बुलाकर इस योजना को लेकर चर्चा की। कोई तकनीकी अड़चन नहीं आई तो छह माह में योजना लागू हो जाएगी। दिल्ली सरकार ने इसके लिए मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) से जल्द प्रस्ताव लाने को कहा है।
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