घटना पर भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से नाराजगी जाहिर करने के बाद मामले में पाकिस्तानी सरकार ने हस्तक्षेप किया। इमरान सरकार के अफसरों ने प्रदर्शनकारियों से समझौता कर गुरुद्वारे के बाहर से भीड़ हटाई और 35 सिख श्रद्धालुओं को सही सलामत बाहर निकाला।
जावेद ने ट्विटर पर इस घटना की निंदा की है। भारत की तरफ से कहा गया है कि पाकिस्तान सिख समुदाय को पूरी रक्षा प्रदान करे। दूसरी ओर पाकिस्तान ने इस मामले को मामूली झगड़ा बताकर इसे दबाने की कोशिश की है। जावेद अख्तर ने लिखा, ' ननकाना साहिब में मुस्लिम कट्टरपंथियों ने जो किया वह पूरी तरह से निंदनीय है। थर्ड ग्रेड और निम्न दर्जे के लोग ही दूसरे समुदाय के लोगों के साथ ऐसा व्यवहार कर सकते हैं।'
Digital Desk: Firoz Khan
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