गौरतलब है कि दिल्ली में सात साल पहले 16 दिसंबर की रात को एक नाबालिग समेत छह लोगों ने एक चलती बस में 23 वर्षीय निर्भया का सामूहिक बलात्कार किया था और उसे बस से बाहर सड़क के किनारे फेंक दिया था। इस घटना की निर्ममता के बारे में जिसने भी पढ़ा-सुना उसके रोंगटे खड़े हो गए। इस घटना के बाद पूरे देश में व्यापक प्रदर्शन हुए और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर आंदोलन शुरू हो गया था।
कोर्ट से सीधा ये वारंट तिहाड़ जेल प्रशासन के पास जाएगा। आपको बता दें कि कोर्ट के डेथ वारंट जारी करने के बाद दोषियों को 14 दिन का वक्त दिया जाता है, ताकि वे सभी जरूरी काम कर सकें। निर्भया की मां आशा देवी ने इस फैसले पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने कहा इससे देशवासियों को कानून पर विश्वास बढ़ेगा।
इससे पहले दोषी अक्षय ने जज से अकेले में बात करने की इच्छा जताई थी । इसके बाद मीडिया को बाहर भेज दिया गया। दोषी अक्षय ने एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इसमें छपा में अक्षय सजा टलवाने की साजिश रच रहा है जो पूरी तरह गलत है।
Digital Desk: Firoz Khan
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