यह सैटेलाइट दक्षिण अमेरिका के उत्तरपूर्वी तट पर कौरो के एरियर प्रक्षेपण तट से छोड़ा गया। इसरो का यह साल 2020 का पहला मिशन था। ऐसा कहा जा रहा है कि इस सैटेलाइट से भारत में संचार क्रांति आएगी। यह इनसैट सैटेलाइट की जगह काम करेगा। इससे सरकारी और प्राइवेट कंपनियों को संचार लिंक प्रदान करने की क्षमता बढ़ेगी।
इसके लॉन्च होने के बाद देश की संचार व्यवस्था और मजबूत हो जाएगी। इससे इंटरनेट की स्पीड बढ़ेगी। साथ ही देश में जहां नेटवर्क नहीं है, वहां मोबाइल नेटवर्क का विस्तार हाेगा। इसके अलावा डीटीएच सेवाओं में भी सुधार होगा। यह एक दूरसंचार उपग्रह है, जो इनसैट सैटेलाइट की जगह काम करेगा। इसमें दो सोलर पैनल और बैटरी लगी है, जिससे इसे ऊर्जा मिलेगी।
Digital Desk: Firoz Khan
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