इस स्मारक में उन शहीद जवानों के नामों के साथ ही उनकी तस्वीरें भी लगाई जाएंगी। साथ ही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का ध्येय वाक्य "सेवा और निष्ठा" उकेरा जाएगा। स्मारक उस स्थान के पास सीआरपीएफ कैंप के अंदर बनाया गया है जहां जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी अदील अहमद डार ने विस्फोटकों से भरी कार सुरक्षा बलों के काफिले से टकरा दी थी।
बता दें पिछले एक साल में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को पकड़ने की रणनीति में बदलाव किया है। अब आतंकियों के खिलाफ जॉइंट ऑपरेशन ही चलाए जा रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा आतंकी ठिकानों की पहचान कर आतंकियों को या तो पकड़ा जा रहा है या एनकाउंटर में मार दिया जा रहा है। सीआरपीएफ के एक अधिकारी बताते हैं कि सुरक्षाबलों की कार्रवाई से हताश आतंकी पुलवामा जैसे हमले करने की कोशिश करते हैं, लेकिन सुरक्षाबलों की रणनीति की वजह से आतंकियों के लिए अब यह उतना आसान नहीं है।
Digital Desk: Firoz Khan
CORRECTION:2020-02-14 10:35:20
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